Friday, April 28, 2017

जिंदगी जीने का सलीका


#gazalbnm

जिंदगी जीने का सलीका

जिसे खुश रहने का तरीका आ जाता है।
उसे जिंदगी जीने का सलीका आ जाता है।

तूफान में थपेड़ों से नाव डगमगायेगी जरुर,
मौत भी करीब आकर छू जाएगी जरूर।

ऐसे में किश्ती को जो किनारे लगा पाता है।
उसे जिंदगी जीने का सलीका आ जाता है।

कैसे कैसे तूफान आयेंगें तेरे हिस्से में।
तू बदल देना उन्हें जांबाजी के किस्से में।

देखें गुर्वत कब तक तेरे साथ टिक पाता है।
जिसे खुश रहने का तरीका आ जाता है।
उसे जिंदगी जीने का सलीका आ जाता है।

किसी के सीने में अगर अंकुआते है सपन कई,
कोई जीता है अगर इसी जनम में जनम कई।

उसे ही उड़ान भरने का मौका आ जाता है।
जिसे खुश रहने का तरीका आ जाता है।
उसे जिंदगी जीने का सलीका आ जाता है।


©ब्रजेन्द्र नाथ मिश्र, जमशेदपुर।
वर्तमान निवास- सेक्टर 4, वैशाली,
दिल्ली, एन सी आर।

3 comments:

Lalita Mishra said...

Sakaratmak soch aur badhaon, kathinaiyon ko paar kar jindagi jeene ki or le jati hai yah ga zal.

Lalita Mishra said...

Sakaratmak soch ke liye prerit karti ek sundar gazal...

KARUNA KUMARI said...

This is very encouraging Poe in the form of Gazal. A must read for all...

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