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Wednesday, June 21, 2017

योग से जुड़ें

#poetry#motivational
#BnmRachnaWorld
योग से जुड़ें
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योग से जुड़ें, योग से जोड़ें।
मन को अमन की ओर मोड़ें।

सकारात्मक चिन्तन हो
गुणात्मक परिवर्तन हो।

मन के कुविचारों को छोड़ें।
योग से जुड़ें, योग से जोड़ें।

साँसों को अहसासों में घोलें।
चिंतन के नवीन पट खोलें।

अन्धविस्वासों के क्रम को तोड़ें।
योग से जुड़े, योग से जोड़ें।

स्नेह से जीवन को सिंचित करें।
प्रेम के पथ को आलोकित करें।

हिंसा के पथ को शांति की ओर मोड़ें।
योग से जुड़े, योग से जोड़ें।

©ब्रजेन्द्र नाथ मिश्र
  21-06-2017
  जमशेदपुर

Thursday, June 15, 2017

कलम से शब्दों के जाल बुन रहा हूँ

#poetry #motivational
#BnmRachnaWorld

 कलम से शब्दों के जाल बुन रहा हूँ।
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इसी कलम से कभी श्रृंगार सजाता हूँ।
इसी कलम से कभी मल्हार गाता हूँ।।
इसी कलम से शब्दों के सुर ताल सुन रहा हूँ।
इसी कलम से शब्दों के जाल बन रहा हूँ।

इसी कलम से शब्दों को अंगार बनाता हूँ।
इसी कलम से रणचंडी का त्यौहार मनाता हूँ।
इसी कलम से शब्दों के शैवाल चुन रहा हूँ।
इसी कलम से शब्दों के जाल बुन रहा हूँ।

इसी कलम से जमा करता हूँ मसान  की राख,
इसी कलम से चुनता  हूँ हड्डियों की शाख।
इसी कलम से जीवन का वैराग्य गुन रहा हूँ।
इसी कलम से शब्दों के जाल बुन रहा हूँ।।

इसी कलम से खोजता हूँ ठहरी एक छाँव,
इसी कलम से जाता हूँ, अपना छूट गया गांव।
इसी कलम से महुआ का बवाल
सुन रहा हूँ।
इसी कलम से शब्दों के जाल बुन रहा हूँ।

©ब्रजेन्द्र नाथ मिश्र
   जमशेदपुर।


नोट: मेरी हाल में लिखी यह कविता ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-80,  आयोजन अवधि 9-10 जून 2017  में स्थान पाई है। Open Books Online प्रसिद्ध साहित्य सेवियों और अनुरागियों की एक वेबसाइट है, जो हर महीने कविता, छंद और लघुकथाओं का आयोजन करता है। इसबार "कलम/लेखनी" शब्द को केंद्रीय भाव बनाकर कविता लिखनी थी। मैंने "कलम" को ध्यान में रखकर यह कविता लिखी है ।



उजाला दे दूंगी (लघुकथा)

#shortstory#social #BnmRachnaWorld नोट: मेरी हाल में लिखी यह लघुकथा  "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-30 , आयोजन अवधि 29-30 ...