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Friday, June 7, 2019

देश का सम्मान है (क्रिकेट विश्व कप पर कविता)

#BnmRachnaWorld
#poetryoncricket

कविता की  पंक्तियाँ:

यह क्रिकेट का मैदान नहीं, देश का सम्मान है


भारत का तिरंगा फहर रहा,
क्रिकेट के मैदान में।
चौके छक्के लग रहे,
देश के सम्मान में।

पूरा देश है आ गया
मानों हरे भरे क्रीडांगण में।
तिरंगे की शान बढ़ाने को
खिलाड़ी जुटे इस आंगन में।

कोटि कोटि की नजर लगीं,
क्रिकेट के हर बॉल पर।
कोटि कोटि खिलाड़ी खेल रहे,
उमंगों हैं उबाल पर।

आगे बढ़ो वीरों रखो शान, हमारा देश महान है।
यह क्रिकेट का मैदान नहीं, देश का सम्मान है।
हर बाल है कीमती,
 छूटने  न पाए,
हर कैच है जोखिम भरा,
बाल चाहे कहीं भी जाये।

इधर झपट लो,
उधर लपक लो,
डाइव मारकर
बाल पकड़ लो।

क्षेत्ररक्षण हो सशक्त,
हर बाल पर रन रोको।
दुश्मन के इरादे पहचानो
हर बैट्समैन टन ठोको।

वीर बांकुरों, विश्व कप ले आओ, देश का अरमान है।
यह क्रिकेट का मैदान नही, देश का सम्मान है।
©ब्रजेंद्रनाथ

परम स्नेही मित्रों, नमस्कार!
 क्रिकेट वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के विरुद्ध दमदार जीत से भारत ने शुरुआत की है। भारत के क्रिकेट प्रेमियों और पूरे देश की इस टीम से अपार आशाएँ और आकांक्षाएँ  जुड़ी हैं। भारत की टीम ने पूर्व में दो बार विश्व कप जीतकर इतिहास कायम किया है। इस टीम में भी इतिहास दुहराने की क्षमता है। इन्ही सब भावनाओं को ध्यान में रखकर मैंने एक कविता लिखी है, जिसे अपनी आवाज में मैंने यूट्यूब चैनल marmagya net पर अपलोड किया है। इसका लिंक मैं नीचे दे रहा हूँ। आपके  विचार हमारे लिए बहुमूल्य हैं, इसलिए कमेंट बॉक्स में अपने विचारों से अवश्य अवगत कराएं:

Link: https://youtu.be/iu25TWw1tP8

ब्रजेंद्रनाथ


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