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Saturday, June 13, 2020

शृंगार के छः छंद हाइकू के (कविता)

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#hikuchhand













शृंगार के छः छन्द: हाइकु

हाइकु सृजन:

भींगा बदन
सुलगाये अगन
तपता मन ।

छनती धूप
खिला इंद्रधनुष
जैसा आनन ।

कर शृंगार
निहारती दर्पण
चंचल मन ।

लतिका गात
अरुणिम प्रभात
भटका मन ।

नवीन पल
उड़ रहा आँचल
बहका मन ।

तेज रफ्तार
घड़ी की टिक टिक
छोटा मिलन ।

©ब्रजेंद्रनाथ मिश्र
(तस्वीर गूगल से साभार)


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