#BnmRachnaWorld
#americatourdiary
05-07-2018, दिन वृहस्पतिवार (यु एस ए में दूसरा दिन)
मेरे पोते का जन्मदिन परसो यानि 07 जुलाई को है। उसकी पूर्व तैयारियों की स्गुरुआत आज से ही हो जानी है। सुबह तो चिन्मय ऑफ़िस चला गया। 9 बजे ऑफिस पहुंचना होता है।
मैं जिस घर में और जिस परिसर में ठहरा हुआ हूँ, वहाँ की ब्यवस्था और रखरखाव का अवलोकन करने लगा। यहाँ करीब 1000 युनिट हैं। दो तरण ताल ( स्वीमिंग पूल), एक थोड़ा छोटा और दूसरा बडा। उसी बड़े ताल के बगल में लीजिन्ग ऑफ़िस, जो रखरखाव से लेकर आबंटन आदि की सारी बैधानिक प्रक्रिया को देखता है, स्थित है।
सारे युनिट निम्न तल, मध्य तल और उच्च तल, तीन ही तलों के हैं। सभी रिहायसी घर लकड़ी के बने हैं। बीच में पिलर भी होगा, लेकिन उन्हें भी लकड़ी से ढंक दिया गया है। इस लकड़ी के पैनल पर स्प्रे से ऐसा पेन्ट चढ़ाया गया है कि बाहर से लगता है कि सीमेन्ट की ही दीवार है। परन्तु ठोकने पर पता चलता है कि यह तो लकड़ी है। लकड़ी की दीवारों के बीच ही बिजली के तार हैं, डर लगने की तो बात है। मैं बताता चलूं कि यह क्षेत्र अनावृष्टि क्षेत्र (arid zone) में पड़ता है, फिर भी गरम और ठंढा दोनों तरह के जल की आपूर्ति प्रचुर मात्रा में है। यही नही, यहाँ चारो तरफ हरियाली है। देवदार के वृक्ष काफी संख्या में लगे हैं। बीच बीच में पार्क हैं। बच्चों के खेलने के लिये स्लाइड्स और स्विंग्स (झूले) लगे हैं। हर पार्क में चारों तरफ वृक्ष और बीच में हरा-भरा मैदान। पीने का पानी का भी इन्तजाम और प्रसाधन कक्ष भी हैं। किसी - किसी पार्क में बास्केट बाल और लॉन टेनिस के मैदान भी देखने को मिले।
मैं यहाँ की हरियाली का फैलाव देखकर मंत्रमुग्ध था। जिस क्षेत्र में औसतन 364 mm वारिश सिर्फ साल में 40 दिन ही होती हो, बाकी दिन बारिश बिल्कुल नहीं होती हो, वहाँ जल की आपूर्ति के लिये बारिश पर तो निर्भरता बिल्कुल नहीं हो सकती है। फिर इतनी हरियाली कैसे रह पाती है? इसकी पड़ताल हो जाने पर, मैं अपने आगे के दिनों की डायरी में लिखूंगा।
आज पूरा दिन सोने में बीता। शायद जेट लैग और कल की अनिद्रा के कारण हो।
शाम में, यहाँ 8:30 तक उजाला ही है। इसलिये उस समय तक शाम ही रहती है। रातें अभी छोटी हो रही हैं। हमलोग नजदीक के पार्क में गये, जिसे जन्मदिन के स्थल की उपयुक्तता के बारे में विचार करना था। मैने पूछा कि कितने लोग भाग लेंगें? तो उसने कहा कि दस परिवार, यानि 20 पुरुष-स्त्री मिलाकर और उनके छोटे बच्चे। जन्मदिन मनाने के लिये केक आदि और मेहमानों के लिये डिनर का सामान, सबकुछ कार में डालकर ले आयेन्गें, जन्मदिन मनायेन्गें और वापस चले जायेंगें। मुझे वैसे पार्क में मनाना कुछ अटपटा सा लगा , लेकिन फिर लगा कि लोग मनाते हैं, तो मनाने में कोई हर्ज नहीं।
क्रमशः
06-07-2018, शुक्रवार, इर्वाइन में (यु एस ए में तीसरा दिन)
आज चिन्मय ने छुट्टी ले रखी है। मौसम के अनुमान के अनुसार आज और कल तापमान 40 डिग्री तक रहने की सम्भावना है। ऐसे में कल क्या पार्क में जन्मदिन मनाना ठीक रहेगा? कुछ आगन्तुकों के 4 महीने के भी बच्चे है। इस भीषण गर्मी में क्या पार्क में वे अपने इतने छोटे बच्चों के साथ आ सकेंगें।? इसपर विचार कर ही रहे थे, कि इसके एक मित्र का फोन आ गया कि वह तो अभी न्यू यार्क में है। 4 जुलाई को अमेरिकी स्वतन्त्रता दिवस की छुट्टी इसके बाद 5 और 6 यानी बृहस्पतिवार और शुक्रवार को छुट्टी ले लेने पर शनिवार और रविवार को सप्ताहांत की छुट्टी के साथ, 5 दिनों की छुट्टियों में परिवार सहित जाया जा सकता है। सही है, ऐसे मौके कम ही मिलते हैं। उसमे चिन्मय के कई दोस्त जो जन्मदिन के अवसर पर आनेवाले थे, अनुपस्थित हो जायेंगें, इसकी सम्भावना प्रबल हो गयी। ऐसे में घर में ही ए सी चलाकर, गर्मी को मात देते हुये एक कृत्रिम खुशनुमा मौसम का निर्माण किया जा सकता है। तय हुआ की घर में ही मनाया जाय!
हमलोग पास के कोस्तिको और वल्ल्मार्ट मॉल गये। वहाँ से जन्मदिन के लिये आवश्यक सामानों, मसलन बैलून, उसे फुलाने वाला पम्प, और खाने के अन्य सामान्य के साथ, एक बडा क्रेट छोटे छोटे पकेज्द पानी बोतलों का लिया गया। एग्लेस्स केक की खोज करने पर कोस्तिको और वॉल मार्ट में निराशा ही हाथ लगी। हमलोगों ने वहाँ जाने के लिये रुख किया जहां इंडियन समान मिलते हैं। वहाँ पर भी एग्ग्लेस केक के छोटे साइज़ की भी कीमत कफ़ी थी। उसके लिये भी 4 दिन पहले ओर्डर किये जाने की बाध्यता थी, जिसके लिये अभी समय नहीं था। इसलिये अन्ततः हमलोगों ने कोस्तिको में ही जाकर ओर्डर किया, बडा सा केक। केक की डिलीवरी कल लेनी थी।
आज रात को जैसे ही गीत " हम भी अगर बच्चे होते, नाम भी मेरा होता गब्लू, बबलू,,," मेरा पोता रिषभ छूटकर डांस किया, जिसका वीडियो मैं यू टयूब पर डालूंगा। आनन्द आ गया। मैने अपने बच्चों का बचपन तो इतने करीब से देखा भी नहीं, या देखा भी होगा तो याद करने लायक जो भी रहा होगा, वह कुछ याद नहीं। यहाँ सचमुच आनन्द के क्षणों को जीने का मौका है, और उसके हर पल को मैं जीना चहता हूँ।
क्रमश:
#americatourdiary
05-07-2018, दिन वृहस्पतिवार (यु एस ए में दूसरा दिन)
मेरे पोते का जन्मदिन परसो यानि 07 जुलाई को है। उसकी पूर्व तैयारियों की स्गुरुआत आज से ही हो जानी है। सुबह तो चिन्मय ऑफ़िस चला गया। 9 बजे ऑफिस पहुंचना होता है।
मैं जिस घर में और जिस परिसर में ठहरा हुआ हूँ, वहाँ की ब्यवस्था और रखरखाव का अवलोकन करने लगा। यहाँ करीब 1000 युनिट हैं। दो तरण ताल ( स्वीमिंग पूल), एक थोड़ा छोटा और दूसरा बडा। उसी बड़े ताल के बगल में लीजिन्ग ऑफ़िस, जो रखरखाव से लेकर आबंटन आदि की सारी बैधानिक प्रक्रिया को देखता है, स्थित है।
सारे युनिट निम्न तल, मध्य तल और उच्च तल, तीन ही तलों के हैं। सभी रिहायसी घर लकड़ी के बने हैं। बीच में पिलर भी होगा, लेकिन उन्हें भी लकड़ी से ढंक दिया गया है। इस लकड़ी के पैनल पर स्प्रे से ऐसा पेन्ट चढ़ाया गया है कि बाहर से लगता है कि सीमेन्ट की ही दीवार है। परन्तु ठोकने पर पता चलता है कि यह तो लकड़ी है। लकड़ी की दीवारों के बीच ही बिजली के तार हैं, डर लगने की तो बात है। मैं बताता चलूं कि यह क्षेत्र अनावृष्टि क्षेत्र (arid zone) में पड़ता है, फिर भी गरम और ठंढा दोनों तरह के जल की आपूर्ति प्रचुर मात्रा में है। यही नही, यहाँ चारो तरफ हरियाली है। देवदार के वृक्ष काफी संख्या में लगे हैं। बीच बीच में पार्क हैं। बच्चों के खेलने के लिये स्लाइड्स और स्विंग्स (झूले) लगे हैं। हर पार्क में चारों तरफ वृक्ष और बीच में हरा-भरा मैदान। पीने का पानी का भी इन्तजाम और प्रसाधन कक्ष भी हैं। किसी - किसी पार्क में बास्केट बाल और लॉन टेनिस के मैदान भी देखने को मिले।
मैं यहाँ की हरियाली का फैलाव देखकर मंत्रमुग्ध था। जिस क्षेत्र में औसतन 364 mm वारिश सिर्फ साल में 40 दिन ही होती हो, बाकी दिन बारिश बिल्कुल नहीं होती हो, वहाँ जल की आपूर्ति के लिये बारिश पर तो निर्भरता बिल्कुल नहीं हो सकती है। फिर इतनी हरियाली कैसे रह पाती है? इसकी पड़ताल हो जाने पर, मैं अपने आगे के दिनों की डायरी में लिखूंगा।
आज पूरा दिन सोने में बीता। शायद जेट लैग और कल की अनिद्रा के कारण हो।
शाम में, यहाँ 8:30 तक उजाला ही है। इसलिये उस समय तक शाम ही रहती है। रातें अभी छोटी हो रही हैं। हमलोग नजदीक के पार्क में गये, जिसे जन्मदिन के स्थल की उपयुक्तता के बारे में विचार करना था। मैने पूछा कि कितने लोग भाग लेंगें? तो उसने कहा कि दस परिवार, यानि 20 पुरुष-स्त्री मिलाकर और उनके छोटे बच्चे। जन्मदिन मनाने के लिये केक आदि और मेहमानों के लिये डिनर का सामान, सबकुछ कार में डालकर ले आयेन्गें, जन्मदिन मनायेन्गें और वापस चले जायेंगें। मुझे वैसे पार्क में मनाना कुछ अटपटा सा लगा , लेकिन फिर लगा कि लोग मनाते हैं, तो मनाने में कोई हर्ज नहीं।
क्रमशः
06-07-2018, शुक्रवार, इर्वाइन में (यु एस ए में तीसरा दिन)
आज चिन्मय ने छुट्टी ले रखी है। मौसम के अनुमान के अनुसार आज और कल तापमान 40 डिग्री तक रहने की सम्भावना है। ऐसे में कल क्या पार्क में जन्मदिन मनाना ठीक रहेगा? कुछ आगन्तुकों के 4 महीने के भी बच्चे है। इस भीषण गर्मी में क्या पार्क में वे अपने इतने छोटे बच्चों के साथ आ सकेंगें।? इसपर विचार कर ही रहे थे, कि इसके एक मित्र का फोन आ गया कि वह तो अभी न्यू यार्क में है। 4 जुलाई को अमेरिकी स्वतन्त्रता दिवस की छुट्टी इसके बाद 5 और 6 यानी बृहस्पतिवार और शुक्रवार को छुट्टी ले लेने पर शनिवार और रविवार को सप्ताहांत की छुट्टी के साथ, 5 दिनों की छुट्टियों में परिवार सहित जाया जा सकता है। सही है, ऐसे मौके कम ही मिलते हैं। उसमे चिन्मय के कई दोस्त जो जन्मदिन के अवसर पर आनेवाले थे, अनुपस्थित हो जायेंगें, इसकी सम्भावना प्रबल हो गयी। ऐसे में घर में ही ए सी चलाकर, गर्मी को मात देते हुये एक कृत्रिम खुशनुमा मौसम का निर्माण किया जा सकता है। तय हुआ की घर में ही मनाया जाय!
हमलोग पास के कोस्तिको और वल्ल्मार्ट मॉल गये। वहाँ से जन्मदिन के लिये आवश्यक सामानों, मसलन बैलून, उसे फुलाने वाला पम्प, और खाने के अन्य सामान्य के साथ, एक बडा क्रेट छोटे छोटे पकेज्द पानी बोतलों का लिया गया। एग्लेस्स केक की खोज करने पर कोस्तिको और वॉल मार्ट में निराशा ही हाथ लगी। हमलोगों ने वहाँ जाने के लिये रुख किया जहां इंडियन समान मिलते हैं। वहाँ पर भी एग्ग्लेस केक के छोटे साइज़ की भी कीमत कफ़ी थी। उसके लिये भी 4 दिन पहले ओर्डर किये जाने की बाध्यता थी, जिसके लिये अभी समय नहीं था। इसलिये अन्ततः हमलोगों ने कोस्तिको में ही जाकर ओर्डर किया, बडा सा केक। केक की डिलीवरी कल लेनी थी।
आज रात को जैसे ही गीत " हम भी अगर बच्चे होते, नाम भी मेरा होता गब्लू, बबलू,,," मेरा पोता रिषभ छूटकर डांस किया, जिसका वीडियो मैं यू टयूब पर डालूंगा। आनन्द आ गया। मैने अपने बच्चों का बचपन तो इतने करीब से देखा भी नहीं, या देखा भी होगा तो याद करने लायक जो भी रहा होगा, वह कुछ याद नहीं। यहाँ सचमुच आनन्द के क्षणों को जीने का मौका है, और उसके हर पल को मैं जीना चहता हूँ।
क्रमश:
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